उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। प्रधानमंत्री…

प्रधानमंत्री मोदी ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर देश के बहादुर जवानों के साहस, समर्पण और बलिदान के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर देश के बहादुर जवानों…

प्रधानमंत्री मोदी ने श्री रेवंत रेड्डी गारू को तेलंगाना के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर बधाई दी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने श्री रेवंत रेड्डी गारू को तेलंगाना के मुख्यमंत्री के रूप में…

प्रधानमंत्री मोदी की संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति के साथ बैठक

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 1 दिसंबर 2023 को संयुक्त अरब अमीरात में सीओपी-28 शिखर सम्मेलन…

प्रधानमंत्री मोदी की इजराइल के राष्ट्रपति के साथ बैठक

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 1 दिसंबर 2023 को दुबई में आयोजित सीओपी 28 शिखर सम्मेलन…

‘ट्रांसफॉर्मिंग क्लाइमेट फाइनेंस’ पर COP-28 प्रेसीडेंसी सत्र में प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन

Your हाईनेस, Excellencies, अपनी जी-20 अध्यक्षता में, भारत ने sustainable development और climate change इन दोनो…

एचओएस/एचओजी के COP-28 के हाइ लेवल सेगमेंट के उद्घाटन पर प्रधानमंत्री मोदी का विशेष संबोधन

Your मजेस्टीस, Your हाईनेस, Excellencies, Ladies and Gentlemen, 140 क़रोड़ भारतीयों की ओर से आप सभी…

रोज़गार मेले के तहत 51,000+ नियुक्ति पत्रों के वितरण के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन

नमस्कार। देश में लाखों युवाओं को भारत सरकार की नौकरी देने का अभियान लगातार जारी है। आज 50 हजार से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी के लिए नियुक्ति पत्र दिए गए हैं। ये नियुक्ति पत्र, आपके परिश्रम और प्रतिभा का नतीजा है। मैं आपको और आपके परिवार को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। अब आप राष्ट्र निर्माण की उस धारा से जुड़ने जा रहे हैं, जिसका सरोकार सीधे जनता-जनार्दन से है। भारत सरकार के कर्मचारी के तौर पर आप सभी को बड़े-बड़े दायित्वों को निभाना है। आप जिस भी पद पर रहें, जिस भी क्षेत्र में काम करें, आपकी सर्वोच्च प्राथमिकता, देशवासियों की Ease of Living ही होनी चाहिए। साथियों, कुछ ही दिन पहले,…

विकासशील भारत संकल्प यात्रा के लाभार्थियों के साथ बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री का संबोधन

इस कार्यक्रम में जुड़े अलग-अलग राज्यों के माननीय राज्यपाल श्री, सभी मुख्‍यमंत्री गण, केंद्र और राज्य…

एक उज्जवल भविष्य की ओर: भारत की जी-20 अध्यक्षता और एक नए बहुपक्षवाद की शुरुआत

नरेन्द्र मोदी, प्रधानमंत्री, भारत भारत द्वारा जी-20 की अध्यक्षता ग्रहण करने के आज 365 दिन पूरे हो गए हैं। यह ‘वसुधैव कुटुंबकम’, ‘One Earth, One Family, One Future’ की भावना को प्रतिबिंबित करने, इसके लिए पुनः प्रतिबद्ध होने और इसे जीवंत बनाने का क्षण है। जब पिछले वर्ष भारत को यह जिम्मेदारी मिली थी, तब विश्व विभिन्न चुनौतियों से जूझ रहा था: कोविड-19 महामारी से उबरने का प्रयास, बढ़ते जलवायु खतरे, वित्तीय अस्थिरता और विकासशील देशों में ऋण संकट, जैसी चुनौतियां दुनिया के सामने थीं। इसके अलावा, कमजोर होता मल्टीलैटरलइज्म यानी बहुपक्षवाद इन चुनौतियों को और गंभीर बना रहा था। बढ़ते हुए संघर्ष और प्रतिस्पर्धा के बीच, विभिन्न देशों में परस्पर सहयोग की भावना में कमी आई और इसका प्रभाव वैश्विक प्रगति पर पड़ा। जी-20 का अध्यक्ष बनने के बाद, भारत ने दुनिया के सामने जीडीपी-केंद्रित सोच से आगे बढ़कर मानव-केंद्रित प्रगति का विजन प्रस्तुत किया। भारत ने दुनिया को यह याद दिलाने प्रयास किया कि कौन सी चीजें हमें जोड़ती हैं। हमारा फोकस इस बात पर नहीं था कि कौन सी चीजें हमें विभाजित करती हैं। अंततः, भारत के इन प्रयासों का परिणाम आया, वैश्विक संवाद आगे बढ़ा और कुछ देशों के सीमित हितों के ऊपर कई देशों की आकांक्षाओं को महत्व दिया गया। जैसा कि हम जानते हैं, इसके लिए बहुपक्षवाद में मूलभूत सुधार की आवश्यकता थी। समावेशी, महत्वाकांक्षी, कार्रवाई-उन्मुख और निर्णायक – ये चार शब्द जी-20 के अध्यक्ष के रूप में भारत के दृष्टिकोण को परिभाषित करते हैं। नई दिल्ली लीडर्स डिक्लेरेशन (एनडीएलडी), जिसे सभी जी-20 सदस्यों द्वारा सर्वसम्मति से अपनाया गया है, इन सिद्धांतों पर कार्य करने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। समावेश की भावना हमारी अध्यक्षता के केंद्र में रही है। जी-20 के स्थायी सदस्य के रूप में अफ्रीकी संघ (एयू) को शामिल करने से 55 अफ्रीकी देशों को इस समूह में जगह मिली है, जिससे इसका विस्तार वैश्विक आबादी के 80 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इस सक्रिय कदम से वैश्विक चुनौतियों और अवसरों पर जी-20 में विस्तार से बातचीत को बढ़ावा मिला है। भारत द्वारा अपनी तरह की पहली बैठक ‘वॉयस ऑफ द ग्लोबल साउथ समिट’ ने बहुपक्षवाद की एक नई शुरुआत की। इस बैठक के दो संस्करण आयोजित हुए। भारत अंतर्राष्ट्रीय विमर्श में ग्लोबल साउथ के देशों की चिंताओं को मुख्यधारा में लाने में सफल रहा। इससे एक ऐसे युग की शुरुआत हुई है, जहां विकासशील देशों को ग्लोबल नरैटिव की दिशा तय करने का उचित अवसर प्राप्त होगा। समावेशिता की वजह से ही जी-20 में भारत के घरेलू दृष्टिकोण का भी प्रभाव दिखा। इस आयोजन ने लोक अध्यक्षता का स्वरूप ले लिया, जोकि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र होने की दृष्टि से बिल्कुल सही था। “जनभागीदारी” कार्यक्रमों के माध्यम से, जी-20 1.4 बिलियन नागरिकों तक पहुंचा और इस प्रक्रिया में सभी राज्यों एवं केन्द्र-शासित प्रदेशों (यूटी) को भागीदार के रूप में शामिल किया गया। भारत ने यह सुनिश्चित किया कि मुख्य विषयों पर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का ध्यान जी-20 के दायित्वों के अनुरूप विकास के व्यापक लक्ष्यों की ओर हो। 2030 के एजेंडे को ध्यान में रखते हुए भारत ने, सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) में तेजी लाने के लिए जी-20 का 2023 एक्शन प्लान पेश किया। इसके लिए भारत ने स्वास्थ्य, शिक्षा, लैंगिक समानता, पर्यावरणीय स्थिरता सहित परस्पर जुड़े मुद्दों पर एक व्यापक एक्शन ओरिएंटेड दृष्टिकोण अपनाया।…