प्रधानमंत्री मोदी ने आजमगढ़ में 34,000 करोड़ रुपये से की कई विकास पहलों का उद्घाटन,लोकार्पण और शिलान्यास किया

PM Modi inaugurates, dedicates and lays the foundation stone of multiple development initiatives worth more than Rs 34,000 crore in Azamgarh


देश भर के 15 हवाई अड्डों के नए टर्मिनल भवनों का उद्घाटन और शिलान्यास किया

लखनऊ और रांची में लाइट हाउस प्रोजेक्ट्स (एलएचपी) का उद्घाटन किया; प्रधानमंत्री ने जनवरी 2021 में इनकी आधारशिला रखी थी

उत्तर प्रदेश में 19,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं से रेल और सड़क क्षेत्र की आधारभूत अवसंरचना को सुदृढ़ बनाया जाएगा

उत्तर प्रदेश मेंप्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई)के तहत 3700 करोड़ रुपये से अधिक की लगभग 744 ग्रामीण सड़क परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित कीं

‘‘हमारी सरकार पूर्वी उत्तर प्रदेश और देश के परिवारों के जीवन को सुगम बनाने के लिए दिन-रात कार्य कर रही है’’

‘‘पिछड़े इलाकों में गिना जाने वाला आजमगढ़ आज विकास की नई गाथा लिख रहा है’’

‘‘जिस तरह हमारी सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं को महानगरों से आगे छोटे शहरों और गांवों तक ले गई… उसी तरह हम आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का काम भी छोटे शहरों तक ले जा रहे हैं’’

‘‘उत्तर प्रदेश राजनीति के साथ-साथ देश के विकास की दिशा भी निर्धारित करता है’’

‘‘डबल इंजन सरकार से उत्तर प्रदेश की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल गई है, आज उत्तर प्रदेश केंद्रीय योजनाओं को लागू करने में सबसे सर्वोत्तम प्रदर्शन करने वाले राज्यों में से एक है’’

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में एक कार्यक्रम में 34,000 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास पहलों का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास किया।

इस अवसर परप्रधानमंत्री ने इस तरह के कार्यक्रम दिल्ली के स्थान परआजमगढ़ जैसी जगहों पर होने की दिशा में आए परिवर्तन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, ‘‘पिछड़े इलाकों में गिना जाने वाला आजमगढ़ आज विकास की नई गाथा लिख रहा है।’’आज आजमगढ़ से 34,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया।

प्रधानमंत्री ने देशभर में 9800 करोड़ रुपये से अधिक की 15 हवाईअड्डा परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने पुणे, कोल्हापुर, ग्वालियर, जबलपुर, दिल्ली, लखनऊ, अलीगढ़, आजमगढ़, चित्रकूट, मुरादाबाद, श्रावस्ती और आदमपुर हवाई अड्डों के 12 नए टर्मिनल भवनों का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री ने कडप्पा, हुबली और बेलगावी हवाई अड्डों के तीन नए टर्मिनल भवनों की आधारशिला रखी। हवाई अड्डों के निर्माण कार्य पूरा होने की गति को स्पष्ट करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि ग्वालियर टर्मिनल केवल 16 महीनों में पूरा हो गया। उन्होंने कहा, ‘‘यह पहल देश के आम नागरिकों के लिए हवाई यात्रा को आसान और सुलभ बनाएगी।’’ प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि घोषित परियोजनाओं को समय पर पूरा करने का सरकार का रिकॉर्ड इन परियोजनाओं के चुनावी हथकंडे होने के आरोप को खारिज करता है। प्रधानमंत्री ने कहा, “लोग देख रहे हैं कि मोदी अलग मिट्टी से बने हैं, मैं एक विकसित भारत बनाने के लिए लगातार काम कर रहा हूं।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि हवाई अड्डे, राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे अवसंरचना के साथ-साथ शिक्षा, जल और पर्यावरण से जुड़ी परियोजनाओं को आज नई गति मिली है। प्रधानमंत्री ने आजमगढ़ के लोगों को एक नई गारंटी देते हुए कहा कि ‘आजमगढ़, आजन्म‘विकास का गढ़’रहेगा। स्थानीय बोली में बोलते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि हवाई अड्डे, अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के साथ, आजमगढ़ अब पड़ोसी बड़े शहरों पर निर्भर नहीं है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में इस क्षेत्र में तुष्टिकरण और वंशवाद की राजनीति की जगह विकास की राजनीति देखने को मिल रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इस प्रवृत्ति को नई गति मिली है। उन्होंने कहा कि अलीगढ़, मुरादाबाद, आजमगढ़, श्रावस्ती जैसे शहरों को उत्तर प्रदेश के पिछड़े क्षेत्रों के रूप में नजरअंदाज किया गया था, आज उनके तेजी से समग्र विकास के कारण हवाई कनेक्टिविटी मिल रही है। उन्होंने कहा कि कल्याणकारी योजनाओं की तरह, आधुनिक बुनियादी ढांचा मेट्रो शहरों से आगे छोटे शहरों और गांवों तक बढ़ रहा है। ‘‘छोटे शहरों को हवाई अड्डों और अच्छे राजमार्गों पर बड़े मेट्रो शहरों के समान अधिकार है।’’प्रधानमंत्री ने कहाकि हम टियर 2 और टियर 3 शहरों की सामर्थ्य बढ़ा रहे हैं ताकि शहरीकरण निर्बाध रूप से जारी रहे।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने क्षेत्र में कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे के विकास के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कई रेलवे परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास समारोहों का उल्लेख किया, जिनमें सीतापुर, शाहजहांपुर, गाजीपुर और प्रयागराज जैसे जिलों को जोड़ने वाली परियोजनाएं भी शामिल हैं। आजमगढ़, मऊ और बलिया को कई रेल परियोजनाओं की सौगात मिली। उन्होंने रेलवे परियोजनाओं के अतिरिक्त, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 5,000 किलोमीटर से अधिक सड़कों का उद्घाटन किया गया है, इसका लक्ष्य पूर्वी उत्तर प्रदेश के किसानों और युवाओं के लिए कनेक्टिविटी में सुधार करना है।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों की उपज के लिए उचित मूल्य सुनिश्चित करने पर सरकार पूर्ण रूप से ध्‍यान दे रही है। उन्होंने गन्ना सहित विभिन्न फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में पर्याप्त वृद्धि के बारे में कहा, ‘‘आज गन्ना किसानों के लिए एमएसपी में 8 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जो 340 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई है।’’

प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में गन्ना किसानों के सामने आने वाली लंबे समय से चली आ रही चुनौतियों के बारे में बात कीऔर उनकी शिकायतों को दूर करने के सरकार के प्रयासों पर बल दिया। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सरकार ने गन्ना किसानों के हजारों करोड़ रुपये के लंबित बकाये का निपटान किया है, उन्हें समय पर और उचित भुगतान प्रदान किया है।’’ उन्होंने बायोगैस और इथेनॉल में पहल से आए बदलाव के बारे में भी विस्तार से बताया। पीएम किसान सम्मान निधि के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि आजमगढ़ में ही 8 लाख किसानों को इस योजना के अंतर्गत 2,000 करोड़ रुपये मिले हैं।

सरकारी पहलों के परिवर्तनकारी प्रभाव पर प्रधानमंत्री ने तेजी से विकास हासिल करने के लिए ईमानदार शासन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा, ‘‘अभूतपूर्व विकास प्राप्त करने के लिए शासन का ईमानदार होना आवश्यक है। हमारी सरकार भ्रष्टाचार को समाप्त करने और पारदर्शी शासन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।’’

प्रधानमंत्री ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए सरकार की पहल की परिवर्तनकारी क्षमता पर विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कहाकिमहाराजा सुहेलदेव राजकीय विश्वविद्यालय की स्थापना और अन्य पहल युवाओं को सशक्त बनाएगी और क्षेत्र के शैक्षिक परिदृश्य को परिवर्तित कर देंगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्र की राजनीति और विकास को आकार देने में उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि राज्य की प्रगति देश के विकास पथ के साथ कैसे संरेखित होती है,उत्तर प्रदेश इसका उदाहरण है। प्रधानमंत्री ने डबल इंजन सरकार के तहत केंद्रीय योजनाओं के अनुकरणीय कार्यान्वयन और इस संबंध में राज्य को शीर्ष प्रदर्शन करने वालों में स्थान देने के लिए उत्तर प्रदेश की सराहना की। उन्होंने पिछले वर्षों में उत्तर प्रदेश में किए गए महत्वपूर्ण निवेश का उल्लेख किया, जिसमें आधारभूत अवसंरचना का विकास और युवाओं के लिए कई नवीन अवसरों को उपलब्ध कराना प्रमुख रहा।

प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश मेंकी विकास गाथाके बारे में जानकारी दी और कहा कि उत्तर प्रदेशमें निवेश के रिकॉर्ड स्तर, ग्राउंड-ब्रेकिंग समारोहों और एक्सप्रेसवे नेटवर्क और राजमार्गों का विस्तार इसके विकास की कहानी कहता है। उन्होंने बताया कि राज्य में कानून एवं व्यवस्था में सुधार पर विशेष बल दिया गया है, इसका उदाहरण अयोध्या में ऐतिहासिक राम मंदिर का निर्माण का सम्पन्न होना है।

 

पृष्ठभूमि

नागरिक उड्डयन क्षेत्र को बढ़ावा देते हुए, प्रधानमंत्री ने देश भर में 9800 करोड़ रुपये से अधिक की 15 हवाईअड्डा परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री पुणे, कोल्हापुर, ग्वालियर, जबलपुर, दिल्ली, लखनऊ, अलीगढ़, आजमगढ़, चित्रकूट, मुरादाबाद, श्रावस्ती और आदमपुर हवाई अड्डों के 12 नए टर्मिनल भवनों का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री ने कडप्पा, हुबली और बेलगावी हवाई अड्डों के तीन नए टर्मिनल भवनों की आधारशिला रखी।

12 नए टर्मिनल भवनों की संयुक्त क्षमता सालाना 620 लाख यात्रियों को सेवा प्रदान करने की होगी।जिन तीन टर्मिनल भवनों की आधारशिला रखी जा रही है, उनके पूरा होने के बाद इन हवाई अड्डों की संयुक्त यात्री प्रबंधन क्षमता बढ़कर 95 लाख यात्री प्रति वर्ष हो जाएगी। इन टर्मिनल भवनों में अत्याधुनिक यात्री सुविधाएं हैं और ये डबल इंसुलेटेड रूफिंग सिस्टम, ऊर्जा बचत के लिए कैनोपी का प्रावधान, एलईडी लाइटिंग आदि जैसी विभिन्न सुविधाओं से भी सुसज्जित हैं। इन हवाई अड्डों के डिजाइन, उस राज्य और शहर की विरासत संरचनाओं से प्रभावित हैं स्थानीय संस्कृति और क्षेत्र की विरासत को दर्शाते हैं।

प्रधानमंत्री के प्रमुख केन्द्रीय क्षेत्रों में से एक सभी के लिए आवास उपलब्ध कराना रहा है। इस दृष्टिकोण से प्रेरित होकरइसे प्राप्त करने का एक अभिनव साधन लाइट हाउस प्रोजेक्ट की संकल्पना है। प्रधानमंत्री ने लखनऊ और रांची में लाइट हाउस प्रोजेक्ट (एलएचपी) का उद्घाटन किया जिसके तहत आधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ 2000 से अधिक किफायती फ्लैट बनाए गए हैं। इस परियोजना में नवीन निर्माण तकनीक अपनाई गई है जोयहां रहने वाले परिवारों को टिकाऊ और विहंगम अनुभव प्रदान करेगी। इससे पहले प्रधानमंत्री चेन्नई, राजकोट और इंदौर में भी ऐसे ही लाइट हाउस प्रोजेक्ट का उद्घाटन कर चुके हैं। इन एलएचपी की आधारशिला 1 जनवरी 2021 को प्रधानमंत्री द्वारा रखी गई थी।

रांची एलएचपी के लिए जर्मनी की प्रीकास्ट कंक्रीट कंस्ट्रक्शन सिस्टम – 3डी वॉल्यूमेट्रिक तकनीक को अपनाया गया है। एलएचपी रांची की एक अनूठी विशेषता यह है कि प्रत्येक कमरे को अलग से बनाया गया है और फिर पूरी संरचना को लेगो ब्लॉक खिलौनों की तरह जोड़ा गया है। एलएचपी लखनऊ का निर्माण प्री-इंजीनियर्ड स्टील स्ट्रक्चरल सिस्टम के साथ कनाडा के स्टे इन प्लेस पीवीसी फॉर्मवर्क का उपयोग करके किया गया है।

प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश में लगभग 11,500 करोड़ रुपये की कई सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। सड़क परियोजनाओं से कनेक्टिविटी में सुधार होगा, यातायात की भीड़ को कम करने में मदद मिलेगी और क्षेत्र में सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश में 19,000 करोड़ रुपये से अधिक की कई सड़क परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया और उनकी आधारशिला रखी। राष्ट्र को समर्पित परियोजनाओं में चार लेन की लखनऊ रिंग रोड के तीन पैकेज और राष्ट्रीय राजमार्ग-2 के चकेरी से इलाहाबाद खंड को छह लेन का बनाना शामिल है। प्रधानमंत्री ने रामपुर-रुद्रपुर के पश्चिमी हिस्से के चार लेन की आधारशिला भी रखी; कानपुर रिंग रोड को छह लेन का बनाने और एनएच-24बी/एनएच-30 के रायबरेली-प्रयागराज खंड को चार लेन करने के दो पैकेज राष्ट्र को समर्पित किए। सड़क परियोजनाओं से कनेक्टिविटी में सुधार होगा, यातायात की भीड़ को कम करने में मदद मिलेगी और क्षेत्र में सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्मित 3700 करोड़ रुपये से अधिक की लगभग 744 ग्रामीण सड़क परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित कीं। इन परियोजनाओं के परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश में 5,400 किलोमीटर से अधिक ग्रामीण सड़कों का संचयी निर्माण होगा, जिससे राज्य के लगभग 59 जिलेलाभान्वित होंगे। इससे कनेक्टिविटी बढ़ेगी और सामाजिक-आर्थिक विकास को उल्लेखनीय बढ़ावा मिलेगा।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने लगभग 8200 करोड़ रुपये की कई रेल परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास किया, जिससे उत्तर प्रदेश में रेल बुनियादी ढांचा सुदृढ़ होगा। वह कई प्रमुख रेल खंडों के दोहरीकरण और विद्युतीकरण का लोकार्पण करेंगे। वे भटनी-पियोकोल बाइपास लाइन भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिससे भटनी में इंजन पलटने की समस्या खत्म हो जाएगी और ट्रेनों का निर्बाध संचालन हो सकेगा। प्रधानमंत्री ने बहराइच-नानपारा-नेपालगंज रोड रेल खंड के आमान-परिवर्तन की आधारशिला रखी। इस परियोजना के पूरा होने के बाद यह क्षेत्र ब्रॉड गेज लाइन के माध्यम से महानगरों से जुड़ जाएगा जिससे तेजी से विकास हो सकेगा। प्रधानमंत्री ने गंगा नदी पर एक रेल पुल सहित गाजीपुर शहर और गाजीपुर घाट से तारीघाट तक एक नई रेल लाइन का भी उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री गाजीपुर सिटी-तारीघाट-दिलदारनगर जंक्शन के बीच मेमू ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाएंगे।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने प्रयागराज, जौनपुर और इटावा में कई सीवेज उपचार संयंत्रों और ऐसी अन्य परियोजनाओं का भी उद्घाटन और लोकार्पण किया।

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