केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कुल 8307.74 करोड़ रुपये की पूंजीगत लागत से ओडिशा में हाइब्रिड एन्युइटी मोड (एचएएम) पर 6-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड कैपिटल रीजन रिंग रोड (भुवनेश्वर बाईपास, 110.875 किमी) के निर्माण को मंजूरी दी
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 8307.74 करोड़ रुपये की कुल पूंजीगत लागत से ओडिशा में हाइब्रिड एन्युइटी मोड (एचएएम) पर 6-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड कैपिटल रीजन रिंग रोड (भुवनेश्वर बाईपास – 110.875 किमी) के निर्माण को मंजूरी दे दी।
वर्तमान में, विद्यमान राष्ट्रीय राजमार्ग पर रामेश्वर से तांगी के बीच संपर्क मार्ग पर अत्यधिक शहरीकृत शहरों खोरधा, भुवनेश्वर और कटक से होकर गुजरने वाले उच्च यातायात के कारण अत्यधिक भीड़भाड़ रहती है। इन चुनौतियों का समाधान करने के लिए, इस परियोजना को 6-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड राजमार्ग के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है। यह परियोजना कटक, भुवनेश्वर और खोरधा शहरों से भारी वाणिज्यिक यातायात को मोड़ने के जरिए ओडिशा और अन्य पूर्वी राज्यों को महत्वपूर्ण लाभ प्रदान करेगी। इससे माल ढुलाई की दक्षता बढ़ेगी, लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी और इस क्षेत्र में सामाजिक-आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
यह परियोजना 3 प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच-55, एनएच-57 और एनएच-655) और 1 राज्य राजमार्ग (एसएच-65) को जोड़ती है, जिससे पूरे ओडिशा के प्रमुख आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों को निर्बाध संपर्क प्रदान होता है। इसके अतिरिक्त, उन्नत गलियारा 10 आर्थिक केंद्रों, 4 सामाजिक केंद्रों और 5 लॉजिस्टिक्स केंद्रों से जुड़कर मल्टी-मॉडल एकीकरण को बढ़ाएगा, जिससे 1 प्रमुख रेलवे स्टेशन, 1 हवाई अड्डा, 1 प्रस्तावित बहु-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (एमएमएलपी) और 2 प्रमुख बंदरगाहों के साथ उन्नत मल्टी-मॉडलता प्रदान होगी और इससे पूरे क्षेत्र में वस्तुओं और यात्रियों की तेज आवाजाही संभव होगी।
पूरा होने पर, यह बाईपास क्षेत्रीय आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, प्रमुख धार्मिक और आर्थिक केंद्रों के बीच संपर्क को सुदृढ़ बनाएगा और व्यापार एवं औद्योगिक विकास के नए मार्ग खोलेगा। यह परियोजना लगभग 74.43 लाख मानव-दिवस प्रत्यक्ष और 93.04 लाख मानव-दिवस अप्रत्यक्ष रोज़गार भी सृजित करेगी और निकटवर्ती क्षेत्रों में विकास, प्रगति और समृद्धि के नए अवसर उपलब्ध कराएगी।
अनुलग्नक – I: परियोजना विवरण
| विशेषताएं | विवरण |
| परियोजना का नाम | रामेश्वर से तांगी तक 6-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड राजमार्ग कैपिटल रीजन रिंग रोड (भुवनेश्वर बाईपास) |
| गलियारा | कोलकाता-चेन्नई |
| लंबाई (किलोमीटर) | 110.875 |
| कुल सिविल लागत (करोड़ रुपए में) | 4686.74 |
| भूमि अधिग्रहण लागत (करोड़ रुपए में) | 1029.43 |
| कुल पूंजीगत लागत (करोड़ रुपए में) | 8307.74 |
| मोड | हाइब्रिड एन्युइटी मोड (एचएएम) |
| बाईपास | 110.875 किमी लंबाई की तात्कालिक परियोजना |
| कनेक्ट होने वाली प्रमुख सड़कें | राष्ट्रीय राजमार्ग – एनएच-55, एनएच -655 और एनएच-57.
राज्य राजमार्ग –एसएच-65 |
| कनेक्ट होने वाले आर्थिक/सामाजिक/परिवहन केंद्र | हवाईअड्डा:भुवनेश्वर
रेलवे स्टेशन : खोरधा बंदरगाह : पुरी और एस्ट्रांग आर्थिक केंद्र: एसईजेड, मेगा फूड पार्क, वस्त्र एवं फार्मा क्लस्टर,फिशिंग क्लस्टर सामाजिक केंद्र : आकांक्षी जिले, जनजातीय जिले और एलडब्ल्यूई प्रभावित जिले |
| कनेक्ट होने वाले प्रमुख नगर/शहर | खोरधा,भुवनेश्वर, कटक और ढेंकनाल |
| रोजगार सृजन क्षमता | 74.43 लाख मानव-दिवस (प्रत्यक्ष) और 93.04 लाख मानव-दिवस (अप्रत्यक्ष) |
| वित्त वर्ष 2025 में वार्षिक औसत दैनिक ट्रैफिक(एएडीटी) | अनुमानित 28,282 यात्री कार यूनिट (पीसीयू) |
केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 1507 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से कोटा-बूंदी (राजस्थान) में ग्रीन फील्ड हवाई अड्डा विकसित करने को मंजूरी दी
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने आज एक हजार पांच सौ सात करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से कोटा-बूंदी (राजस्थान) में ग्रीन फील्ड (नया) हवाई अड्डा विकसित करने के भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
चंबल नदी के तट पर स्थित कोटा, राजस्थान की औद्योगिक राजधानी मानी जाती है। इसके अतिरिक्त, कोटा भारत के शैक्षिक कोचिंग केंद्र के रूप में भी प्रसिद्ध है।
राजस्थान सरकार ने ए-321 श्रेणी के विमानों के संचालन के लिए उपयुक्त ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा विकसित करने हेतु भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) को 440.06 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरित की है। इस परियोजना में 20,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में एक टर्मिनल भवन का निर्माण किया जाएगा, जो व्यस्त समय के दौरान 1000 यात्रियों (पीएचपी) को संभालने में सक्षम होगा और जिसकी प्रति वर्ष यात्री वहन क्षमता बीस लाख (एमपीपीए) होगी। इसमें 3200 मीटर x 45 मीटर आकार का 11/29* रनवे (हवाई पट्टी), ए-321 प्रकार के विमानों के लिए 07 पार्किंग बे (विमान पार्किंग क्षेत्र) के साथ एक एप्रन (विमान में ईंधन भरने और उनके रखरखाव का स्थान), दो लिंक टैक्सीवे, एटीसी (हवाई यातायात नियंत्रक) सह तकनीकी ब्लॉक, अग्निशमन केंद्र, कार पार्क और संबंधित कार्य स्थल शामिल हैं।
*(11/29 रनवे के चुंबकीय दिशा कोण हैं। इसका मतलब है कि जब कोई विमान रनवे पर उतरता है या टेक ऑफ करता है, तो वह 110 डिग्री या 290 डिग्री की दिशा में जा रहा होता है)
शैक्षिक और औद्योगिक क्षेत्रों की प्रमुखता के कारण कोटा में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में अनुमानित यातायात वृद्धि का समाधान करना है।
कोटा में अभी भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के स्वामित्व वाला हवाई अड्डा मौजूद है, जहां 1220 मीटर x 38 मीटर आकार का एक रनवे (08/26) है, जो कोड ‘बी’ विमानों (जैसे डीओ-228) के लिए उपयुक्त है। इसके अतिरिक्त मौजूदा एप्रन ऐसे दो विमानों के लिए उपयुक्त है। वर्तमान टर्मिनल भवन 400 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला है, जिसकी व्यस्त समय में 50 यात्रियों को संभालने की क्षमता है। मौजूदा हवाई अड्डे को अपर्याप्त भूमि उपलब्धता और हवाई अड्डे के आसपास बढ़ते शहरीकरण के कारण वाणिज्यिक संचालन के लिए विकसित नहीं किया जा सकता।
